आज के समय में अल्ट्रासाउंड स्कैन (Ultrasound Scan) चिकित्सा जगत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। चाहे गर्भावस्था की जांच करनी हो, आंतरिक अंगों की स्थिति का पता लगाना हो या किसी चोट का निदान करना — अल्ट्रासाउंड स्कैन सबसे सुरक्षित और सटीक विकल्पों में से एक है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि अल्ट्रासाउंड स्कैन क्या होता है, यह कैसे किया जाता है, इसके प्रकार क्या हैं, और भारत में इसकी कीमत कितनी होती है।

अल्ट्रासाउंड स्कैन क्या है? (What is an Ultrasound Scan?)
अल्ट्रासाउंड स्कैन एक नॉन-इनवेसिव डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिसमें उच्च-आवृत्ति (High-Frequency) वाली ध्वनि तरंगों का उपयोग करके शरीर के अंदरूनी हिस्सों की छवि तैयार की जाती है।
यह तकनीक सोनोग्राफी (Sonography) के नाम से भी जानी जाती है।
👉 इसमें किसी भी तरह की रेडिएशन (Radiation) का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित (Safe) होती है — विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए।
अल्ट्रासाउंड स्कैन कैसे किया जाता है? (Ultrasound Procedure)
अल्ट्रासाउंड स्कैन की प्रक्रिया बहुत सरल और बिना दर्द की होती है।
नीचे इसकी सामान्य प्रक्रिया दी गई है:
- तैयारी (Preparation):
- कुछ स्कैन के लिए आपको खाली पेट रहना पड़ सकता है।
- पेट पर एक विशेष जेल लगाया जाता है, जिससे साउंड वेव्स बेहतर तरीके से गुजर सकें।
- स्कैनिंग (Scanning Process):
- डॉक्टर या सोनोग्राफर Transducer नामक यंत्र को शरीर के उस हिस्से पर घुमाते हैं जिसकी जांच करनी होती है।
- यह यंत्र ध्वनि तरंगें भेजता है जो शरीर के अंदरूनी हिस्सों से टकराकर कंप्यूटर स्क्रीन पर तस्वीर बनाती हैं।
- रिपोर्ट (Report):
- आमतौर पर रिपोर्ट कुछ ही घंटों में तैयार हो जाती है।
- डॉक्टर रिपोर्ट देखकर आगे की जांच या इलाज की सलाह देते हैं।
⏱️ पूरा प्रोसेस 15–30 मिनट के भीतर पूरा हो जाता है।

अल्ट्रासाउंड स्कैन के प्रकार (Types of Ultrasound Scan)
अल्ट्रासाउंड स्कैन कई प्रकार के होते हैं, और प्रत्येक का उद्देश्य अलग-अलग होता है। कुछ प्रमुख प्रकार नीचे दिए गए हैं:
1. Abdominal Ultrasound (पेट का अल्ट्रासाउंड)
यह सबसे आम प्रकार है। इसका उपयोग लीवर, किडनी, पित्ताशय, पैंक्रियाज, और ब्लैडर की जांच के लिए किया जाता है।
2. Pelvic Ultrasound (पेल्विक स्कैन)
इसका प्रयोग महिलाओं के गर्भाशय (Uterus), अंडाशय (Ovaries) और पुरुषों के प्रोस्टेट ग्रंथि की जांच में किया जाता है।
3. Obstetric Ultrasound (गर्भावस्था स्कैन)
गर्भवती महिलाओं में भ्रूण (Fetus) की वृद्धि, स्थिति और स्वास्थ्य की जांच के लिए किया जाता है।
4. Doppler Ultrasound (डॉपलर स्कैन)
यह स्कैन रक्त प्रवाह (Blood Flow) की दिशा और गति का विश्लेषण करता है। इसका उपयोग ब्लड क्लॉट, आर्टरी ब्लॉकेज, आदि के लिए होता है।
5. Breast Ultrasound (स्तन अल्ट्रासाउंड)
स्तन में गांठ या टिश्यू की जांच के लिए किया जाता है — यह Breast Cancer Screening में मददगार होता है।
अल्ट्रासाउंड स्कैन के फायदे (Benefits of Ultrasound Scan)
अल्ट्रासाउंड स्कैन के अनेक फायदे हैं, जैसे:
- बिना किसी दर्द या सुई के जांच पूरी होती है
- Radiation-Free और सुरक्षित है
- गर्भवती महिलाओं के लिए आदर्श विकल्प
- त्वरित रिपोर्ट और सटीक परिणाम
- शुरुआती चरण में बीमारियों का पता लगाने में मददगार
भारत में अल्ट्रासाउंड स्कैन की कीमत (Ultrasound Cost in India)
भारत में अल्ट्रासाउंड स्कैन की कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे:
| प्रकार (Type of Ultrasound) | औसत कीमत (Average Cost) |
|---|---|
| Abdominal Ultrasound | ₹500 – ₹1,000 |
| Pelvic Ultrasound | ₹700 – ₹1,200 |
| Obstetric (Pregnancy) Ultrasound | ₹800 – ₹1,500 |
| Doppler Ultrasound | ₹1,000 – ₹2,500 |
| Breast Ultrasound | ₹800 – ₹1,200 |
💡 औसतन भारत में एक सामान्य अल्ट्रासाउंड की कीमत ₹700 से ₹1,500 के बीच होती है।
Metro cities जैसे Delhi, Mumbai, Bangalore में कीमत थोड़ी ज्यादा हो सकती है।
अल्ट्रासाउंड स्कैन कहां करवाएं? (Where to Get Ultrasound Done)
आप अपने नजदीकी डायग्नोस्टिक सेंटर (Diagnostic Center) या Scan Centers India जैसी विश्वसनीय वेबसाइट से अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।
ऑनलाइन बुकिंग से आपको समय की बचत होगी और कभी-कभी डिस्काउंट ऑफर भी मिलते हैं।
अल्ट्रासाउंड स्कैन एक आसान, सुरक्षित और सटीक तरीका है जिससे डॉक्टर शरीर के अंदरूनी हिस्सों की स्थिति को देख सकते हैं।
अगर आपको डॉक्टर ने स्कैन करवाने की सलाह दी है, तो देरी न करें — सही समय पर किया गया अल्ट्रासाउंड कई गंभीर बीमारियों की पहचान जल्दी कर सकता है।
